अधिसूचना/परिपत्र संख्या

दिनांक

विवरण

1

(१) संख्याः एस०आर०-६५३३/ ११ -९२- ५०० (१२) /१९८९

दिनांक २७ नवम्बर, १९९२

रू० २०,०००/- तक ऋण लेने हेतु बैंकों के पक्ष में विनिर्दिच्च्ट कार्य हेतु बन्धक पत्र रखने पर स्टाम्प शुल्‍क  से छूट।

(२) संख्या-एस०आर०-२३६५ /११-९६- ५००(१२) /१९८९

दिनांक ०९ अगस्त, १९९६

कृच्चि भूमि को बैंकों के पक्ष में बन्धक रखकर ऋण लेने पर रू० ४५,०००/- तक स्टाम्प शुल्‍क  से छूट।

(३) संख्या : क०सं०वि०-५-२२१० /११-९८

 

दिनांक ३० मई, १९९८

द्याासकीय विभागों द्वारा नियमानुसार विलेखों का पंजीकरण कराया जाना।

(४) संख्या- क०सं०-वि-५-२३९१ / ११- १९९८-५००(९)-९८

 

दिनांक १० जून, १९९८

टै्रक्टर आदि के अर्जन हेतु बैंक के पक्ष में कृच्चि भूमि को बन्धक रखने पर रू०१००/- से अधिक देय स्टाम्प शुल्‍क  से छूट।

(५) संख्या क०सं०वि०-५-३७०६/ ११- ९८ -५०० (२०) /१९९८

दिनांक ३१ अगस्त, १९९८

विक्रय पत्र पर स्टाम्प शुल्‍क  की दर रू० १२५ प्रति एक हजार से घटाकर रू० ८० प्रति एक हजार करना।

(६) संख्या-क०स०वि०-५-७५/ ११ -९८- ५००(२८)/९८

दिनांक २६ अक्टूबर, १९९८

विलेखों को पंजीकरण के पष्चात उसी दिन पक्षकारों को वापस किया जाना।

(७) संख्या-क०नि०-५-३११७ / ११ -२०००-५०० (१४५)/९९

दिनांक २७.०७.२०००

भारतीय स्टाम्प अधिनियम, १८९९ के अन्तर्गत स्टाम्प वादों के उचित रूप से सृजन एवं निस्तारण।

(८) संख्या : क०नि० - ५- ३४२० / ११-२०००- ५०० (डब्लू-११८) /२०००

दिनांक १०.०८.२०००

ईसाई समुदाय के चर्च कब्रिस्तान आदि की सम्पत्तियों के हस्तान्तरण के विलेख की रजिस्ट्री के सम्बन्ध में।

(९) संख्या क०नि०-५-५४६२/ ११ -२००० - ३१२ (३८१) /१९९९

दिनांक १८ अक्टूबर, २०००

आश्रय योजना या सबके लिए आवास योजना के अन्तर्गत विलेखों पर स्टाम्प शुल्‍क  में कमी।

(१०) संख्याः क०नि०-५-१/११- २००१-५००(१३७)/९९

दिनांकः 01 जनवरी, २००१

भारतीय स्टाम्प (उत्तर प्रदेष संषोधन) अध्यादेष, २००० (उत्तर प्रदेष अध्यादेष संख्या १८ सन्‌ २०००) प्राख्यापित करना

(११) संख्या-क०नि० ५-१८१७ / ११ -२००१ -५०० (१२१) /२०००

दिनांक १९ मार्च, २००१

अनुच्छेद ४०(क) बन्धक पत्र पर अधिकतम देय स्टाम्प शुल्‍क  रू० ५.०० लाख अदा किया जाना।

(१२) संख्या- एन ७७३/ सात - न्याय -३-  ५०० (१३७) /१९९९ टी०सी०

दिनांक ०९.०४.२००१

नोटरियों के कार्य का निरीक्षण-चार पत्र

(१३) संख्या :क०नि०-५-३१३९/ ११- २००१ -५०० (१२१) /२००० टी.सी.

दिनांक  २५ मई, २००१

अनुच्छेद ४०(ख) बन्धक पत्र पर अधिकतम देय स्टाम्प शुल्‍क  रू० ५.०० लाख अदा किया जाना।

(१४) संख्या क०नि०-५-३३०३(१) /११- २००१-५०० (३५) - २०००

दिनांक ३१ मई, २००१

विकास प्राधिकरण, आवास विकास परिच्चद आदि के आवंटी के पक्ष में निच्च्पादित विलेख पर प्रतिफल से अधिक बाजार मूल्य की धनराषि तक देय स्टाम्प शुल्‍क  से छूट।

(१५) संख्या :क०नि०-५-५४१८/ ११ - २००१ -५०० (८५)/२००० टी.सी.

दिनांक 01 सितम्बर, २००१

स्टाम्प शुल्‍क  की दरों में दिनांक ३१.०८.१९९८ से की गयी कमी को अनुच्छेद ५, १८, ३१ व ३३ पर किया जाना।

(१६) केन्द्रीय अधिनियम संख्या ४८ सन्‌ २००१

दिनाकं २४.०९.२००१

ज्भ्म् त्म्ळप्ैज्त्।ज्प्व्छ ।छक् व्ज्भ्म्त् त्म्स्।ज्म्क् स्।ॅै ;।डम्छक्डम्छज्द्ध ।ब्ज्ए २००१

(१७) संख्या :डी० १८२३/ सात - न्याय -३-७६ /२००१

दिनांक ०५.१०.२००१

स्टाम्प वादों में जिला शासकीय अधिवक्ता (राजस्व) द्वारा शासन का पक्ष प्रस्तुत किया जाना।

(१८) संख्या :क०नि०-५-७०३६/ ११-२००१- ३१२ (२२५) /२००१

दिनांक २२.११.२००१

स्टाम्प वादों के शीघ्र निस्तारण के सम्बन्ध में आवश्यक निर्देश।

(१९) संख्या क०नि०-५-२६९०/ ११ -२००२-५०० (४०) -२००० टी०सी०

दिनांक १६ मई, २००२

भारतीय स्टाम्प (उत्तर प्रदेश द्वितीय संशोधन) अधिनियम, २००१ (उत्तर प्रदेश अधिनियम संख्या ३८ सन्‌ २००१)

(२०) संख्या क०नि०-५-२६८९/ ११ -२००२- ५०० (१३५) -१९९८ टी०सी०

दिनांक १६ मई, २००२

रजिस्ट्रीकरण (उत्तर प्रदेश संशोधन) अधिनियम, २००१ (उत्तर प्रदेश अधिनियम संख्या ३६ सन्‌ २००१)

(२१)संख्या क०नि०-५-४४६/ ११- २००२- ३१२ (४६३) /२००१

दिनांक १५.०७.२००२

भारतीय स्टाम्प अधिनियम के प्राविधानों के विपरीत राजस्व विभाग के तहसीलदार/ लेखपाल द्वारा दाखिल खारिज के लिए उप निबन्धक कार्यालय से भेजी गयी लेखपत्र की प्रतियों पर अनावश्यक स्टाम्प वाद प्रारम्भ करने के सम्बन्ध में।

(२२) संख्या क०नि०-५-२४२५ / ग्यारह -२००२ -२१८ (९) -१९९८

दिनांक ०८ अगस्त, २००२

अलीगढ़ व हाथरस की सीमाओं को अपवर्जित कर नये रजिस्ट्रीकरण उप जिला घोच्चित करना।

(२३) संख्याः क०नि०-५-५०६५/ ११- २००२-५०० (८२)/२००० टी०सी

 

दिनांक २८.०८.२००२

फर्जी स्टाम्पों को बेचने वाले व्यक्ति को स्टाम्प के पीछे अंकित हस्तलिपि की स्टाम्प विक्रेता के रजिस्टर पर हस्तलिपि से मिलान प्रक्रिया सूचित करने के सम्बन्ध में।

(२४) संख्या-क०नि०-५-३७१३/ ११ -२००२ - ५००(५)/१९९१ टी०सी०

दिनांक १७ अक्टूबर, २००२

मुख्य नियन्त्रक राजस्व प्राधिकारी की द्याक्तियों का प्रतिनिधायन।

(२५) संख्या क०नि०-५-६४६८/ ११-२००२-५०० (३५) / २०००

देखिये क्रमांक १३

दिनांक १२ नवम्बर, २००२

विकास प्राधिकरण, आवास विकास परिच्चद आदि के आवंटी के पक्ष में निच्च्पादित विलेख पर प्रतिफल से अधिक बाजार मूल्य की धनराषि तक देय पटटा पर स्टाम्प शुल्‍क  से दिनांक ३१.०३.२००२ तक छूट। 

(२६) संख्या क०नि०-५-६४६९- ११ - २००२-५०० (३५) /२०००

 

दिनांक १२ नवम्बर, २००२

विकास प्राधिकरण, आवास विकास परिच्चद आदि के आवंटी के पक्ष में निच्च्पादित विलेख पर प्रतिफल से अधिक बाजार मूल्य की धनराषि तक देय विक्रय पत्र पर स्टाम्प शुल्‍क  से दिनांक ३१.०३.२००२ तक छूट। 

(२७) संख्या-क०नि०-५-११६२/ ११ - २००३

दिनांक ०७ मई, २००३

विभागीय अधिकारीगण को कार्यालय अध्यक्ष घोच्चित किया जाना।

(२८) संख्याःक०नि०-५-२७१६/ ११ -२००३- ५००(८७) / २००१

 

दिनांकः २२ मई, २००३

रजिस्ट्रीकृत निजी विकासकर्ता/ निर्माणकर्ता द्वारा भूमि पर पॉंच वर्ष की अवधि के भीतर पॉंच गुना मूल्यवर्धन कर लेने पर आंवटी के पक्ष में विक्रयपत्र निच्च्पादित करने पर देय स्टाम्प शुल्‍क  में कमी।

(२९) संख्या क०नि० ५-२६८८/ ११ -२००५-५०० (८७) /२००१

दिनांक १२ जुलाई, २००५

उपरोक्त क्रमांक २७ पर अंकित अधिसूचना संख्या क०नि०-५-२७१६/ ११ - २००३- ५००(८७)/२००१ दिनांक  २२ मई, २००३ में संषोधन।

(३०) संख्याः क०नि० ५-३९०४/११  -२००३-५०० (३५)/२००० टी०सी०

देखिए क्रमांक २४

दिनांकः २९ जुलाई, २००३

विकास प्राधिकरण, आवास विकास परिच्चद आदि के आवंटी के पक्ष में निच्च्पादित विलेख पर प्रतिफल से अधिक बाजार मूल्य की धनराषि तक देय पटटा पर स्टाम्प शुल्‍क  से दिनांक ०१.०७.२००३ तक छूट। 

(३१) संख्याः क०नि० ५-३९०५/ ११ -२००३-५०० (३५)/२००० टी०सी०

देखिए क्रमांक २४

 

दिनांकः २९ जुलाई, २००३

विकास प्राधिकरण, आवास विकास परिच्चद आदि के आवंटी के पक्ष में निच्च्पादित विलेख पर प्रतिफल से अधिक बाजार मूल्य की धनराषि तक देय विक्रय विलेख पर स्टाम्प शुल्‍क  से दिनांक ०१.०७.२००३ तक छूट। 

(३२) संख्या क०नि०-५-६०५/११ -२००४-५०० (६४)/९८

दिनांक २८ जनवरी, २००४

स्वतन्त्रता संग्राम सेनानियों के पक्ष में निच्च्पादित शस्त्र अनुज्ञप्ति विलेख पर अनुच्छेद ३८-क के अन्तर्गत देय स्टाम्प शुल्‍क  से छूट।

(३३) संख्या क०नि०-५-७२२/११ -२००४-५०० (३५) - २०००

 

दिनांक ०३ फरवरी, २००४

विकास प्राधिकरण, आवास विकास परिच्चद आदि के आवंटी के पक्ष में निच्च्पादित विलेख पर प्रतिफल से अधिक बाजार मूल्य की धनराषि तक देय विक्रय विलेख पर स्टाम्प शुल्‍क  से दिनांक ३१.०३.२००४ तक छूट। 

(३४) संख्या-क०नि०-५-१५९७/ ११-२००४- ३१२ (१४७) /२००३

दिनांक २६.०४.२००४

बड़े मूल्य के लेखपत्रों द्वारा आन्तरित सम्पत्ति के स्थल निरीक्षण के सम्बन्ध में।

(३५) संख्या क०नि०-५-३१०४/ ११-२००४ -५०० (१५) -२००४ टी०सी०

दिनांक १६ जून, २००४

प्रदेष ऊर्जा नीति, २००३ के अन्तर्गत रू० १००० करोड़ का निवेष करने के पष्चात निच्च्पादित अनुसूची एक-बी के दस प्रकार के विलेखों पर देय स्टाम्प शुल्‍क  से छूट।

(३६) संख्या क०नि०-५-३१०५/११ -२००४ -५०० (१५)-२००४ टी०सी०

दिनांक १६ जून, २००४

प्रदेष की संषोधित ऊर्जा नीति, २००३ के अन्तर्गत रू० १००० करोड़ का निवेष करने के पष्चात निच्च्पादित ९९ वर्च्च की अवधि के पटटा विलेख पर देय स्टाम्प शुल्‍क  से छूट।

(३७) संख्या क०नि०-५-३१०६/११ -२००४-५०० (१५) -२००४ टी०सी०

दिनांक १६ जून, २००४

प्रदेष ऊर्जा नीति, २००३ के अन्तर्गत रू० १००० करोड़ का निवेष करने के पष्चात निच्च्पादित विलेखों पर देय निबन्धन फीस से छूट।

(३८) संख्या क०नि०-५-३२४९/११ -२००४ -५०० (८५) /२००१,

दिनांक २२ जून, २००४

नोएडा एक्सपोर्ट प्रोसेसिंग जोन में आवंटी के पक्ष में निच्च्पादित विलेखों पर देय स्टाम्प शुल्‍क  से छूट।

(३९) संख्या क०नि०-५-३५७३/ ग्यारह- २००४- ५०० (६६) -१९९९

दिनांक 01 जुलाई, २००४

उत्तर प्रदेश वित्त निगम के नीलामकर्ता अधिकारी और नीलाम-क्रेता के मध्य निष्पादित लिखतों पर देय स्टाम्प शुल्‍क  में कमी।

(४०) संख्या क०नि०-५-३३३८/ ग्यारह-२००४- ५००(७) /२००१

 

दिनांक ०२ जुलाई, २००४

नजूल भूमि में पट्टाधृत अधिकारों को पूर्णस्वामित्व अधिकारों में परिवर्तित करने के प्रयोजन के लिए नजूल भूमि के पट्टेदार के पक्ष में उत्तर प्रदेश राज्य सरकार द्वारा निच्च्पादित विक्रय विलेख पर देय स्टाम्प शुल्‍क  से छूट।

(४१) संख्या क०नि०-५-३६३४/ ग्यारह-२००४- ५००(१३६)/ २००३ -टी०सी

 

दिनांक ०३ जुलाई, २००४

प्रदेष की औद्योगिक एवं सेवा क्षेत्र निवेष नीति, २००३ के अन्तर्गत निच्च्पादित हक विलेखों का निक्षेप, पण्यम या गिरवी (अनुच्छेद-६) पर देय स्टाम्प शुल्‍क  की दर में कमी।

(४२) संख्या : क०नि०-५-३६३५ /ग्यारह- २००४- ५०० (१३६) / २००३ टी०सी०

दिनॉंक ०३ जुलाई, २००४

प्रदेष की औद्योगिक एवं सेवा क्षेत्र निवेष नीति, २००३ के अन्तर्गत निच्च्पादित चल सम्पत्ति के विलेखों (अनुच्छेद-२३(ख)) पर देय स्टाम्प शुल्‍क  की दर में कमी।

(४३) संख्या क०नि०-५-३६३६/ ग्यारह-२००४- ५०० (१३६) -२००३ टी०सी०

दिनांक ०३ जुलाई, २००४

प्रदेष की औद्योगिक एवं सेवा क्षेत्र निवेष नीति, २००३ के अन्तर्गत निच्च्पादित बन्धक विलेखों (अनुच्छेद- ४० (ख)) पर देय स्टाम्प शुल्‍क  की दर में कमी।

(४४) संख्या क०नि०-५-३७३०/ ग्यारह- २००४- ५०० (८५) -२००३

दिनांक ०६ जुलाई, २००४

उद्योग निदेषालय, उत्तर प्रदेष, कानपुर द्वारा आवंटी के पक्ष में निच्च्पादित पटटा विलेख पर देय स्टाम्प शुल्‍क  की दरों में कमी।

(४५) संख्या क०नि०-५-२९१५/ ग्यारह- २००४- ५०० (८७) /२००१

 

दिनांक ०९ जुलाई, २००४

उत्तर प्रदेश औद्योगिक एवं सेवा क्षेत्र निवेश नीति, २००४ के अधीन हाईटेक टाउनशिप विकसित करने के लिए आवास एवं नगर विकास विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार और निजी निवेशकर्ता विकासकर्ता कम्पनी, जो पॉंच वर्ष की अवधि के भीतर लगभग १५०० एकड़ भूमि के विकास के लिए राज्य में सात सौ पचास करोड़ रुपये से अन्यून निवेशित करने पर निच्च्पादित विक्रय विलेख तथा पटटा विलेख पर देय स्टाम्प शुल्‍क  में छूट।

(४६) संख्याः क०नि०-५-३४९७/ ११ -२००५- ५००(८३)/२००५  

दिनांक ०९ सितम्बर, २००५

क्रमांक (४४) पर प्रस्तुत अधिसूचना दिनांक ०९.०७.२००४ में संषोधन तथा एक द्याासनादेष एवं एक परिपत्र।

(४७) संख्या क०नि०-५-४५८४ / ११- २००४- ५०० (३५) -२०००

 

दिनांक १६ अगस्त, २००४

विकास प्राधिकरण, आवास विकास परिच्चद आदि के आवंटी के पक्ष में निच्च्पादित विलेख पर प्रतिफल से अधिक बाजार मूल्य की धनराषि तक देय विक्रय विलेख पर स्टाम्प शुल्‍क  से दिनांक ३१.०३.२००५ तक छूट। 

(४८) संख्या क०नि०-५-५५९५/ ११-२००४-५०० (८४) -२००३

 

दिनांक २३ नवम्बर, २००४

सन्‌ १९६२ के युद्ध और उसके बाद हुए किसी युद्ध या आतंकवादियों से हुए किसी मुठभेड़ के दौरान शहीद हुए भारतीय सेना के अधिकारियों और जवानों के आश्रितों के पक्ष में निष्पादित विक्रय लिखत, पट्टा लिखत और पट्टाधृत अधिकारों को फ्रीहोल्ड अधिकारों में संपरिवर्तित करने से सम्बन्धित लिखतों पर प्रभार्य स्टाम्प शुल्क से छूट।

 

 

 

(४९) (क) संख्या : क०नि०-५- ४३०७/ ११- २००४-५०० (८) /२००३ दिनांक ०५.०८.२००४

(ख) संख्या :क०नि०-५-१४२० /११-९९-५००(३६)/ १९९९ दिनांक १६.०८.१९९९

(ग) संख्या : क०नि०-५-२८९७ /११-१९८८ दिनांक ०७.०७.१९९८

(घ) संख्या :क०नि०-५-२५८६ /११-२००१- ५००(१५६) /१९९८ टी०सी० दिनांक २५.०४.२००१

दिनांक ०५.०८.२००४

भूमि-भवन क्रय करने के उद्देश्य तथा भविष्य के सम्भावित प्रयोग को स्टाम्प वाद के निस्तारण का आधार न माने जाने के सम्बन्ध में।

(५०) संख्या-क०नि०-५-३०५ -११-२००५-५००(१३६) २००३

 

दिनांक १९ जनवरी, २००५

राज्य की औद्योगिक एवं सेवा क्षेत्र निवेश नीति, २००४ के पैरा ४.२.१, ४.२.२, ४.२.३ और पैरा ८.२ के खण्ड (क) से (च) में उपबन्धित प्रयोजनों के लिए निच्च्पादित विलेखों पर देय स्टाम्प शुल्‍क  में छूट/कमी तथा परिपत्र  एवं अन्य विभागों के द्याासनादेष।

(५१) संख्या-क०नि०-५-३०६ -११-२००५-५००(१३६) २००३

 

दिनांक १९ जनवरी, २००५

राज्य की औद्योगिक एवं सेवा क्षेत्र निवेश नीति, २००४ के पैरा ४.२.१, ४.२.२, ४.२.३ और पैरा ८.२ के खण्ड (क) से (च) में उपबन्धित प्रयोजनों के लिए निच्च्पादित विलेखों पर देय निबन्घन फीस में छूट।

(५२) संख्या क०नि०-५-६९१२/ ११-२००४  

दिनांक १४ फरवरी, २००५

जनपद बाराबंकी व जनपद फैजाबाद की सीमाओं में आंषिक उपान्तर कर नया रजिस्ट्रीकरण उप जिला घोच्चित करना।

(५३) संख्या-क०नि० ५-१०२३/ ११- २००५-५०० (१३७) -२००३  

 

दिनांक १५ मार्च, २००५

वित्तीय संस्थाओं द्वारा ऋण समनुदेशन की ऐसी लिखित, जो वित्तीय आस्तियों का प्रतिभूतिकरण एवं पुनर्निर्माण तथा प्रतिभूति हित प्रवर्तन अधिनियम, २००२ (अधिनियम संख्या ५४ सन्‌ २००२) की धारा ३ के अधीन गठित और गैर बैंकिंग पर्यवेक्षण विभाग, भारतीय रिजर्व बैंक, मुम्बई द्वारा कम्पनी अधिनियम १९५६ (अधिनियम संख्या 01 सन्‌ १९५६) के अधीन रजिस्ट्रीकृत ऐसेट रिकन्स्ट्रक्शन कम्पनी के पक्ष में निष्पादित हो, पर हस्तान्तरण के रूप में प्रभार्य स्टाम्प शुल्क की दरों में कमी।

(५४) संख्या क०नि० ५-१३८९/ ११-२००५- ५०० (१३७) -२००३

दिनांक २९ मार्च, २००५

उपरोक्त ऋण समनुदेषन विच्चयक उपरोक्त अधिसूचना संख्या -क०नि० ५-१०२३/११- २००५ - ५०० (१३७) - २००३  दिनांक १५ मार्च, २००५ में संषोधन।

(५५) संख्या :क०नि०-५-१४३१ /११-२००५ -५०० (१३४)/२००३

दिनांक २१.०३.२००५

विधायक निधि के अन्तर्गत संस्थाओं को दिये जाने वाले कार्य के सम्बन्ध में निष्पादित अनुबन्ध विलेख पर स्टाम्प शुल्क की प्रभार्यता। प्रोफार्मा संलग्न।

(५६) संख्या क०नि०-५-१६९३ /११-२००५ -५०० (९०)-२००३

दिनांक ०३ मई, २००५

प्रोसपेक्टिंग लाइसेन्स तथा रेकानिषां लाइसेन्स पर देय स्टाम्प शुल्‍क  से छूट।

(५७) संख्या क०नि०-५-१२९०/ ११-२००५- ५०० (६८) -२००४

दिनांक ०३ मई, २००५

बैंकों के पक्ष में कृच्चि भूमि के बन्धक पत्र पर स्टाम्प शुल्‍क  में छूट की सीमा रू० ४५,०००/- से बढ़ाकर रू० ५.०० लाख किया जाना।

(५८) संख्या क०नि०-५-१६९४/ ११-२००५- ५०० (६८) -२००४

दिनांक ०३ मई, २००५

बैंकों के पक्ष में कृच्चि भूमि के बन्धक रखकर टै्रक्टर आदि क्रय करने पर पूर्व अधिसूचना संख्या- क० नि०-५/२३९१/ ११- १९९८ -५००(९)-९८, दिनांक १० जून, १९९८ को विखण्डित किया जाना।

(५९) संख्या क०नि०-५-३१७२/ ११-२००५-५०० (६८) -२००४

दिनांक ०९ अगस्त, २००५

कृच्चि भूमि को बन्धक रखने पर देय स्टाम्प शुल्‍क  विच्चयक सरकारी अधिसूचना संख्या एस०आर०-२३६५ / ११-९६-५००(१२)/८९, दिनांक २९ अगस्त, १९९६ में संषोधन।

(६०) संख्याःक०नि० ५-२१९६/११- २००५-५०० (३५)/२०००

 

दिनांक : ०९, मई, २००५

विकास प्राधिकरण, आवास विकास परिच्चद आदि के आवंटी के पक्ष में निच्च्पादित विलेख पर प्रतिफल से अधिक बाजार मूल्य की धनराषि तक देय पटटा विलेख पर स्टाम्प शुल्‍क  से दिनांक ३१.०७.२००६ तक छूट। 

(६१) संख्या-क०नि०-५-२०३६ / ११ -२००५ -५०० (३५) /२०००

 

दिनांक ०९ मई, २००५

विकास प्राधिकरण, आवास विकास परिच्चद आदि के आवंटी के पक्ष में निच्च्पादित विलेख पर प्रतिफल से अधिक बाजार मूल्य की धनराषि तक देय विक्रय विलेख पर स्टाम्प शुल्‍क  से दिनांक ३१.०३.२००६ तक छूट। 

(६२) संख्या :क०नि०-५-२३५८/ ११ -२००५-५००(४) /२००५

 

दिनांक १९.०५.२००५

रु० २०/- एवं इससे छोटे अभिधान के गैर न्यायिक स्टाम्प पत्र तथा रु० २०/- एवं रु० १०/- अभिधान के चिपकाऊ न्यायिक स्टाम्प पत्रों की आपूर्ति भारत प्रतिभूति मुद्रणालय नासिक रोड के स्थान पर सिक्योरिटी प्रिंटिंग प्रेस, हैदराबाद से प्राप्त करना।

(६३) संख्या क०नि०-५-८९६/ ११-२००५-५०० (११६) -२००३

 

दिनांक २० मई, २००५

चीनी प्रोत्साहन नीति, २००४ के अन्तर्गत तीन सौ पचास करोड़ रुपये या उससे अधिक का निवेश करने पर और ३१ मार्च, २००७ को या उससे पूर्व व्यावसायिक उत्पादन प्रारम्भ करने पर नई चीनी मिलों की स्थापना या विद्यमान चीनी मिलों के विस्तार सम्बन्धी परियोजनाओं हेतु निच्च्पादित विक्रय विलेख पर देय निबन्धन फीस से छूट।

(६४) संख्या क०नि०-५-९१२/ ११-२००५-५०० (११६) -२००३

 

दिनांक २० मई, २००५

चीनी प्रोत्साहन नीति, २००४ के अन्तर्गत तीन सौ पचास करोड़ रुपये या उससे अधिक का निवेश करने पर और ३१ मार्च, २००७ को या उससे पूर्व व्यावसायिक उत्पादन प्रारम्भ करने पर नई चीनी मिलों की स्थापना या विद्यमान चीनी मिलों के विस्तार सम्बन्धी परियोजनाओं हेतु निच्च्पादित विक्रय विलेख पर देय स्टाम्प शुल्‍क  से छूट।

(६५) संख्या क०नि०-५-२८८६/ ११-२००५-५०० (११६)-२००३

दिनांक १० नवम्बर, २००५

क्रमांक ६३ पर प्रस्तुत चीनी नीति विच्चयक अधिसूचना दिनांक २०.०५.२००५ में संषोधन।

(६६) संख्या क०नि० ५-१६०/ ११ -२००५ -५००(२०)/ २०००

 

दिनांक मई २४, २००५

घोषणापत्र (Declaration) के साथ पठित ऋण अनुबन्ध (Loan agreement) भारतीय स्टाम्प अधिनियम, १८९९ की अनुसूची 1 ख के अनुच्छेद ६(१)(ए) (Agreement relating to deposit of title deeds, pawn or pledge) से आच्छादित होना।

(६७) संख्या क०नि०-५-१९२७/ ११-२००५-५००(३९) -२००५

 

दिनांक २५ मई, २००५

आवास एवं शहरी नियोजन विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आवास परियोजनाओं में विनिधान नीति की ÷÷थोक भूमि आवंटन प्रणाली'' के अधीन सरकारी अभिकरण और पंजीकृत विकासकर्ता के मध्य निष्पादित, पट्टा विलेख पर स्टाम्प शुल्क की दर में कमी।

(६८) संख्या क०नि०-५-२४९०/ ११-२००५ -५०० (८७) -२००१

दिनांक ३० मई, २००५

उत्तर प्रदेश स्टाम्प (सम्पत्ति का मूल्यांकन) (प्रथम संशोधन) नियमावली, २००५

(६९) संख्या क०नि०-५-२२५०/ ११-२००५-५००(६६) -१९९९

दिनांक  ३० मई, २००५

दि प्रदेशीय इण्डस्ट्रियल एण्ड इन्वेस्टमेन्ट कारपोरेशन आफ उत्तर प्रदेश लिमिटेड (पिकप)के नीलामकर्ता अधिकारी और नीलामक्रेता के मध्य निष्पादित हस्तान्तरण लिखत पर देय स्टाम्प शुल्‍क  में कमी।

(७०) संख्या क०नि०-२५५१/११ -२००५-५००(५७)-२००५

 

दिनांक २४ जून, २००५

श्रीमती रंजना त्रिपाठी पत्नी शहीद मेजर अमिय कुमार त्रिपाठी के पक्ष में लखनऊ विकास प्राधिकरण द्वारा निष्पादित,वास्तु खण्ड, गोमती नगर, लखनऊ में स्थित ३५ मीटर × ३५ मीटर क्षेत्रफल के वाणिज्यिक भूखण्ड संख्या सी०पी० ३ के लिए स्टाम्प शुल्‍क  से छूट।

(७१) संख्या क०नि०-५-२७०७/११ -२००५- ५०० (१०४) -२००४

 

दिनांक १५ जुलाई, २००५

दृष्टिहीन/विकलांग व्यक्ति के पक्ष में निष्पादित किसी भवन या भूखण्ड के अन्तरण के लिए हस्तान्तरण की लिखत या पट्टाधृत अधिकारों का पूर्ण स्वामित्व अधिकारों के संपरिवर्तन की लिखत पर देय स्टाम्प शुल्‍क  से छूट।

(७२) संख्या क०नि०-५-२९९५/११ -२००५-५०० (७) -२००१

दिनांक २७ जुलाई, २००५

नजूल भूमि के फ्रीहोल्ड अधिकारों में परिवर्तित किये जाने पर निच्च्पादित विक्रय विलेख पर स्टाम्प शुल्‍क  से दिनांक ३१.०३.२००६ तक कमी। 

(७३) क०नि०-५-४१८४/ ग्यारह - २००५ -५०० (३२) -२००१

दिनांक ०७ अक्टूबर, २००५

उत्तर प्रदेश स्टाम्प (सैंतालिसवां संशोधन) नियमावली, २००५

(७४) क०नि०-५-४५६७/ ११ - २००५-५००(११७)/२००३

 

दिनांक २६ अक्टूबर, २००५

 

कन्या माध्यमिक विद्यालय की स्थापना के लिए सोसाइटी रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, १८६० (अधिनियम संखय २१ सन्‌ १८६०) के अधीन रजिस्ट्रीकृत निजी सोसाइटियों की भूमि और/या भवन पर १५ वर्षों तक के लिए बीस लाख रुपये तक के अनुदान पर निष्पादित बिना कब्जा के बन्धक के लिखत पर रुपया एक सौ से अधिक प्रभार्य स्टाम्प शुल्क से छूट।

(७५) संख्या सं०वि०क०नि०-५-८३९ /११-२००६- ५००(१५९)-२००५

दिनांक ०६ मार्च, २००६

क्रमांक ७३ पर अंकित कन्या महाविद्यालय की स्थापना हेतु निच्च्पादित बन्धक पत्र पर देय स्टाम्प शुल्‍क  में छूट विच्चयक उपरोक्त अधिसूचना संख्या क०नि०-५ - ४५६७/११-२००५-५००(११७)/२००३ दिनांक २६ अक्टूबर, २००५ मे संषोधन।

(७६) क०नि०-५-२३६८/११ - २००५ -५००(९४)-२००४

दिनांक १० नवम्बर, २००५

रिलायंस एनर्जी जेनरेशन लिमिटेड, को स्टेट सपोर्ट एग्रीमेन्ट निष्पादित तहसील हापुड़, जिला गाजियाबाद में स्थित भूमि की हस्तान्तरण लिखतों पर, देय साठ प्रतिशत स्टाम्प शुल्क से छूट प्रदान करना।

(७७) संख्या क०नि०-५-३९६५/ ग्यारह-२००५-५०० (६६) -२००४

दिनांक २१ दिसम्बर, २००५

केन्द्र पुरोनिधानित छोटे एवं मध्यम नगरों की एकीकृत नगर विकास योजना के अधीन किसी आवंटिती के पक्ष में निष्पादित पट्टा की लिखत व पट्टा अधिकार के फ्रीहोल्ड अधिकार में परिवर्तन के लिखत पर दिनांक से ३१ मार्च, २००९ तक छूट।

(७८) संख्या-क०नि०-७-७२/ ग्यारह - २००६- ५००(६५) /१९९१

दिनांक १६.०१.२००६

आवास एवं शहरी नियोजन विभाग के अधीन उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद, समस्त विकास प्राधिकरण आदि तथा नगर विकास विभाग के अधीन स्थानीय निकायों के क्षेत्रान्तर्गत अवस्थित अचल सम्पत्ति के अन्तरण पर विभिन्न अधिनियमों के अन्तर्गत दो प्रतिशत अतिरिक्त स्टाम्प ड्यूटी की धनराशि को सम्बन्धित निकाय/संस्थाओं को वापस किये जाने विषयक वर्तमान प्रक्रिया को विकेन्द्रित किये जाना।

(७९) सं०वि०क०नि०-५-५३२२ /११- २००६- ५०० (११६)/२००३

 

दिनांक २५ जनवरी, २००६

क्रमांक ६२ पर अंकित चीनी नीति विच्चयक अधिसूचना संख्या- क०नि०-५- ८९६ / ११ - २००५- ५०० (११६) / २००३  दिनांक २० मई, २००५ में संषोधन।

(८०) संख्या सं०वि०क०नि०-५-४९५ /११-२००६- ५०० (१३६) /२००३,

 

दिनांक ०८ फरवरी, २००६

उत्तर प्रदेष  औद्योगिक एवं सेवा क्षेत्र निवेष नीति, २००३ के अन्तर्गत क्रमांक-४९ पर अंकित अधिसूचना क० नि० -५-३०५/ ११- २००५- ५०० (१३६) / २००३, दिनांक १९ जनवरी, २००५ में संषोधन।

(८१) संख्या सं०वि०क०नि०-५-४९६ /११-२००६- ५०० (१३६) /२००३

 

दिनांक ०८ फरवरी, २००६

उत्तर प्रदेष  औद्योगिक एवं सेवा क्षेत्र निवेष नीति, २००३ के अन्तर्गत क्रमांक - ५० पर अंकित अधिसूचना क०नि० - - ३०६/ ११- २००५- ५०० (१३६) / २००३ दिनांक १९ जनवरी, २००५ में संषोधन।

(८२) संख्या-क०नि०-५-५०० (१) /११- २००६ -५००(४) २००५

दिनांक १३.०३.२००६

केन्द्रीय मुद्रांक डिपो, नासिक रोड से न्यायिक एवं गैर अदालती न्यायिक स्टाम्प पत्रों की मांग एवं आपूर्ति हेतु प्रदेश में एक नोडल डिपो बनाये जाने तथा केन्द्रीय मुद्रांक डिपो, नासिक रोड को प्रत्येक छमाही मांगपत्र पर देय छपाई व्यय का तीस प्रतिशत अग्रिम भुगतान मांगपत्र के साथ एवं सत्तर प्रतिशत का भुगतान स्टाम्पों की सुपुर्दगी के समय किये जाने की शासकीय स्वीकृति प्रदान किया जाना।

(८३) संख्या सं०वि०क०नि०-५- ४६३ /११-२००६-५००(११४)-२००५

दिनांक २३ फरवरी, २००६

क्रमांक ६ पर अंकित अधिसूचना संख्या के०एस०वी० ५-३७०६/११ -९८- ५०० (२०)/९८ दिनांक ३१ अगस्त, १९९८ में संशोधन कर अन्य अनुच्छेदों को जोड़ना।

(८४) संख्या सं०वि०क०नि०-५ - ४६४/११- २००६ -५०० (१३७) -२००३

दिनांक २३ फरवरी, २००६

ऐसेट रीकन्स्ट्रक्शन कम्पनी के पक्ष में निष्पादित, हस्तान्तरण पत्र पर प्रभार्य स्टाम्प शुल्क में कमी किया जाना।

(८५) संख्या सं०वि०क०नि०-५-४६२ /११- २००६- ५००(९२)-२००५

दिनांक २३ फरवरी, २००६

स्त्रियों के पक्ष में दस लाख रुपये मूल्य की स्थावर सम्पत्ति के अन्तरण के सम्बन्ध में देय स्टाम्प शुल्क में कमी करते हैं और सरकारी अधिसूचना संख्या क०सं०वि० ५-३७०६ /११ - ९८ - ५०० (२०) /९८, दिनांक ३१ अगस्त, १९९८ में संशोधन एवं उसमें अधिसूचना संख्या- सं०विक०नि०-५- १५०४ / ११-२००६ - ५०० (९२)-२००५ दिनांक ०६.०७.२००७ को किया गया संषोधन।

(८६)  संख्या-सं०वि०क०नि०५- १११२ /११-२००६- ५०० (१०५) /२००६

दिनांक २४.०४.२००६

कम्पनी मंत्रालय, भारत सरकार की एम०सी०ए० २१ योजना के अन्तर्गत विलेखों पर देय स्टाम्प शुल्‍क  को चयनित बैंकों के माध्यम से जमा किया जाना।

(८७) संख्या-सं०वि०क०नि० ५- २११४ /११-२००६-५०० (८५) /२००१

दिनांक ३० मई, २००६

क्रमांक ३८ पर अंकित विषेच्च आर्थिक परिक्षेत्र विच्चयक सरकारी अधिसूचना संख्या क०नि० ५-३२४९/ ११ -२००४ - ५०० (८५)/२००१ दिनांक २२ जून, २००४ में संषोधन।

(८८) संख्या-सं०वि०क०नि० ५- २११५/११-२००६ -५०० (८५) /२००१

 

दिनांक ३० मई, २००६

विशेष आर्थिक परिक्षेत्र, नोएडा, जिला गौतमबुद्धनगर में प्रोसैसिंग क्षेत्र में स्थित किसी स्टैन्डर्ड डिजाइन फैक्ट्री के किसी विकासकर्ता या सहविकासकर्ता द्वारा किसी उद्यमी के पक्ष में निष्पादित, पट्टे के लिखत पर प्रभार्य स्टाम्प शुल्क में छूट।

(८९) संख्या-सं०वि०क०नि० ५- २११६/११-२००६- ५०० (८५) /२००१

 

दिनांक ३० मई, २००६

विशेष आर्थिक परिक्षेत्र, मुरादाबाद में प्रोसैसिंग क्षेत्र में स्थित किसी स्टैन्डर्ड डिजाइन फैक्ट्री के किसी विकासकर्ता या सहविकासकर्ता द्वारा किसी उद्यमी के पक्ष में निष्पादित, पट्टे के लिखत पर प्रभार्य स्टाम्प शुल्क में छूट।

(९०) संख्या बी-३-४११५/ दस -९४-१(११)/७९-भवन

 

दिनांक १२ अक्टूबर, १९९४

 

ऐसे राज्य कर्मचारियों को भी भवन निर्माण आदि अग्रिम अनुमन्य होगा जिनका भूखण्ड/भवन उसके तथा उसकी पत्नी (अथवा उसके पति), उसके सगे भाई/भाइयों, उसके पिता, उसकी माता अथवा पुत्र/पुत्रों के अलावा कर्मचारी की पुत्री/पुत्रियों अथवा बहन/बहनों के संयुक्त स्वामित्व में हो अथवा उनके संयुक्त नाम में पट्टे पर हो।

(९१) संख्या १३५/एस०टी० अ०म०नि० प०/२००२

दिनांक ३१ दिसम्बर, २००२

उत्तर प्रदेश (कम्प्यूटर द्वारा स्कैनिंग के माध्यम से दस्तावेजों का रजिस्ट्रीकरण) नियमावली, २००२

(९२) संख्याः स०वि०क०नि० ५- २०१८ / ११- २००६ - ५०० (३५) /२०००

 

दिनांक २६ जलाई, २००६

विकास प्राधिकरण, आवास विकास परिच्चद आदि के आवंटी के पक्ष में निच्च्पादित विलेख पर प्रतिफल से अधिक बाजार मूल्य की धनराषि तक देय पटटा विलेख पर स्टाम्प शुल्‍क  से दिनांक ३१.०३.२००७ तक छूट। 

(९३) संख्या-स०वि०क०नि०- ५- २६७८ /११- २००६ - ५०० (३५)/२०००

 

दिनांक २६ जुलाई, २००६

विकास प्राधिकरण, आवास विकास परिच्चद आदि के आवंटी के पक्ष में निच्च्पादित विलेख पर प्रतिफल से अधिक बाजार मूल्य की धनराषि तक देय विक्रय विलेख पर स्टाम्प शुल्‍क  से दिनांक ३१.०३.२००७ तक छूट।

(९४) संख्याः सं०वि०क०नि०-५- २१३३ / ११-२००६- ५०० (११७)/२००३

दिनांक २६ जुलाई, २००६

महाविद्यालय की स्थापना के लिए स्वीकृत अनुदान हेतु पन्द्रह वर्ष की अवधि के बन्धक-लिखत पर प्रभार्य एक सौ रुपये से अधिक के स्टाम्प शुल्क से, छूट।

(९५) संख्याः ९७७/शि०का०लख०  /२००६

दिनांक १७ अगस्त, २००६

रेट लिस्ट तैयार करने विच्चयक निर्देष।

(९६) संख्याः क०नि०-५-४४२७/ ११ -२००२ -५०० (४०)/२०००

दिनाँक ०८ अगस्त, २००२

उत्तर प्रदेश स्टाम्प (छियालीसवाँ संशोधन) नियमावली, २००२

(९७) पत्रांक ११७९/प्रेरणा/ शि०का०लख०/२००६

दिनांक ११.९.२००६

विक्रय लेखपत्रों के प्रस्तुतीकरण के समय विक्रय लेखपत्रों के साथ विक्रय लेखपत्र में उल्लिखित सम्पत्ति की फोटो प्रस्तुत करने/लेखपत्र के साथ लगाये जाने के सम्बन्ध में।

(8) संख्या-क०नि०-५-३९६४/११ -८००६ - ३१२ (४५) /२००६

 

दिनांक २९.११.२००६

स्टाम्प एवं पंजीकरण विभाग में अपर महानिरीक्षक निबन्धन/अपर आयुक्त स्टाम्प (विभागीय) उप महानिरीक्षक निबन्धन/उपायुक्त स्टाम्प, सहायक महानिरीक्षक निबन्धन/सहायक आयुक्त स्टाम्प तथा उपनिबन्धक संवर्ग का वेतनमान संशोधित/उच्चीकृत किया जाना।

(९९) संख्या-क०नि०-५-४१६८/११ -२००६- ३१२ (४५)/२००६

दिनांक २९.११.२००६

स्टाम्प एवं पंजीकरण विभाग में अपर महानिरीक्षक निबन्धन/अपर आयुक्त स्टाम्प (विभागीय), उप उप महानिरीक्षक निबन्धन/उपायुक्त स्टाम्प, सहायक महानिरीक्षक निबन्धन/सहायक आयुक्त स्टाम्प के पद सृजन किया जाना।

(१००) संख्याः १६७७/ शि०का०लख०/२००६

 

दिनाँक ०४ दिसम्बर, २००६

उत्तर प्रदेश में स्टाक एवं शेयर के कार्य करने वाली संस्थाओं से भारतीय स्टाम्प अधिनियम, १८९९ की अनुसूची-१-ख के अनुच्छेद-४३ नोट अथवा मैमोरैन्डम (ब्रोकर्स नोट) के अन्तर्गत विलेखों पर स्टाम्प शुल्क अदा किया जाना ।

(१०१) संख्या-क०नि०-५-१८९७/ ११ -२००४-३१२ (१४७) / २००३

दिनांक २६.०४.२००४

बडे+ मूल्य के लेखापत्रों द्वारा आन्तरित सम्पत्ति के स्थल निरीक्षण के सम्बन्ध में।

(१०२) संख्याः क०नि०-५-४५१३/ ११ -२००७ -५०० (२२)-२००३

 

दिनांक १७ नवम्बर, २००७

सात सौ पचास करोड रूपये अथवा उससे अधिक की पूंजी निवेश करने वाली वृहद परियोजनाओं को प्रोत्साहित करने की दृष्टि से उक्त अधिनियम के अधीन ऐसी परियोजनाओं के हित में भूमि के अन्तरण के लिए निष्पादित अन्तरण की लिखतों पर १३ फरवरी, २००३ से प्रभार्य स्टाम्प शुल्क से छूट।

(१०३) संख्या-सं०वि०क०नि०५-३८८ /११-२००८-५०० (१५९)/२००८

दिनांक ०८.०२.२००८

दलाल या अभिकर्ता द्वारा अपने मालिक को लेखे में स्टाक आदि के क्रय, विक्रय की प्रज्ञापना देना- नई दर ४० पैसे प्रति बीस हजार अधिकतम रू० १०००/-

(१०४) संख्याः क०नि०-५-२२३४/ ११-२००७-५०० (७) /२००१

दिनांक २४ मई, २००८

नजूल भूमि के पटटााधृति अधिकारों का फ्रीहोल्ड अधिकारों में परिवर्तन के विलेख पर दिनांक २४ मई, २००८ से ३१ मार्च, २००९ तक स्टाम्प शुल्‍क  से छूट।

(१०५) संख्या सं०वि०क०नि०-५- २७५६ /ग्यारह- २००८ - ५००(१६५)/२००७

दिनांक ३० जून, २००८

हस्तान्तरण पत्र पर देय स्टाम्प शुल्‍क  की दर को रू० ५०/- प्रति एक हजार रूपये किया जाना।

(१०६) संख्याः क०नि०-५-२७५७ /११-२००८ -५०० (३५)/२०००

दिनांक ०९ जुलाई, २००८

विकास प्राधिकरण आदि संस्थाओं द्वारा आवंटी के पक्ष में निच्च्पादित हस्तान्तरण पत्र पर प्रभार्य शुल्क के ऐसे लिखत में दिये गये प्रतिफल की धनराशि से अधिक की धनराशि पर प्रभार्य शुल्क की सीमा तक छूट प्रदान करना।

(१०७) संख्याः क०नि०-५-२७५७/ ११- २००८ -५०० (३५)/२०००

दिनांक ०९ जुलाई, २००८

अनुसूची एक ख के अनुच्छेद ५ अनुबन्ध या अनुबन्ध का ज्ञापन, अनुच्छेद ३५ पटटा व अनुच्छेद ४० बन्धक पत्र पर देय स्टाम्प शुल्‍क  की दरों को घटाया जाना।

(१०८) संख्या-क०नि० ५- ३६१४ / ११-२००८-५०० (५)- १९९१ टी०सी०-१

दिनांक ०८ दिसम्बर, २००८

मुख्य नियन्त्रक राजस्व प्राधिकारी के अधिकारों का प्रतिनिधायन।

(१०९) संख्या ३०६६/११-५- २००९ -५०० (१००)-२००८

दिनांक १२ जून, २००९

विकास प्राधिकरण आदि द्वारा के आंवटीगण के पक्ष में निच्च्पादित अन्तरण विलेख पर स्टाम्प शुल्‍क  की देयता में कमी।

(११०) संख्या-सं०वि०क०नि०५ -६२३६/ ग्यारह- २००९ -५०० (९९)/२००८

दिनांक २०.११.२००९

निबन्धन फीस तालिका में संषोधन।

(१११) संख्या-क०नि०-५-१०७२/ ११-२०१०- ५०० (१००)/२००८

 

दिनॉंक १० मार्च, २०१०

विकास प्राधिकरण आदि द्वारा के आंवटीगण के पक्ष में निच्च्पादित अन्तरण विलेख पर स्टाम्प शुल्‍क  की देयता विच्चयक अधिसूचना संख्या क०नि०- ५- ३०६८/११-५-२००९ -५००(१००)/२००८ दिनांक १२ जून, २००९ में संषोधन किया जाना।

(११२) संख्या-क०नि०-५-१४४४ /११-२०१० -५०० (३२)/२००१ दिनांक ०९ अप्रैल, २०१०

 

उत्तर प्रदेष स्टाम्प (अड़तालिसवॉं संषोधन) नियमावली, २०१०

(११३) संख्या-क०नि०५-१७१६/ ११ -२०१० -५०० (११) /२०१०

दिनांक २८.०४.२०१०

नोएडा, ग्रेटर नोएडा एवं यमुना एक्सपे्रस- वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण द्वारा अर्जित भूमि पर स्टाम्प शुल्‍क  से छूट के सम्बन्ध में।

(११४) संख्याः क०नि०-५-१६७९ /११-२०१०- ५००(११) /२०१०

 

दिनांक २५ अपे्रल, २०१०

नोएडा, ग्रेटर नोएडा, यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण द्वारा उन भू-स्वामियों जिनकी भूमि अर्जित की गयी थी या अर्जनाधीन है, के पक्ष में निच्च्पादित पटटा लिखत पर प्रभार्य स्टाम्प शुल्‍क  से छूट प्रदान करना।

(११५) संख्या-क०नि०५-८९३/११ - २०१० -५००(८३) /२००५

 

दिनांक ०६ मई, २०१०

हाईटेक टाऊनषिप नीति, २००३ के अन्तर्गत विकास प्राधिकरण /आवास विकास परिच्चद, उत्तर प्रदेष और निजी निवेषकर्ता कम्पनी के मध्य निच्च्पादित हस्तान्तरण के प्रथम लिखत या ९० वर्च्च की अवधि के लिए पटटे के लिखत और विकासकर्ता कम्पनी द्वारा ०५ वर्च्च की अवधि के भीतर भूमि के विकास के लिए राज्य में सात सौ पचास करोड़ रूपये से न्यून निवेषित करने पर दोनों के मध्य निच्च्पादित हस्तान्तरण के लिखत पर प्रभार्य स्टाम्प शुल्‍क  से छूट प्रदान किया जाना।

(११६) संख्या- १९४३/११-५- २०१०- ५००(१३)/२०१०

दिनांक १३ मई, २०१०

स्टाम्प वादों का त्वरित निस्तारण किये जाने के सम्बन्ध में।

(११७) संख्या-क०नि०-५-२२०४ / ११-५-२०१०-५०० (१९) /२०१०

दिनांक ०९ जून, २०१०

विच्चयः अनिबन्धित लेखपत्रों की प्रतियां स्टाम्प एवं निबन्धन विभाग को प्रेच्चित करने के सम्बन्ध में।

(११८) संख्याःक०नि०-५-२२०८ /११-५- २०१० - ५०० (१८)/२०१०

दिनांक ११ जून, २०१०

निबन्धन विभाग द्वारा पंजीकृत किये जाने वाले विलेखों में बाजार मूल्य के समतुल्य मूल्यांकन कराने तथा उत्तर प्रदेष जमींदारी विनाष एवं भूमि सुधार अधिनियम, १९५० की धारा १४३ के अन्तर्गत भूमि को कृच्चि से इतर स्वतः प्रेरणा से घोच्चित करने के सम्बन्ध में।

(११९) संख्याः- ३०५७/११-५ - २०१० -५००(२१)/२०१०

दिनांकः १५ जून, २०१०

नोएडा/ ग्रेटर नोएडा/ यमुना एक्सप्रेस वे अथारिटी एवं उत्तर प्रदेष राज्य औद्योगिक विकास निगम की अपंजीकृत सम्पत्तियों के पंजीकरण की समीक्षा के सम्बन्ध में। 

(१२०)  संख्याः- २२०६/११- ५ - २०१० -५०० (२१) /२०१०

दिनांकः १५ जून, २०१०

विकास प्राधिकरण एवं उत्तर प्रदेष आवास एवं विकास परिच्चद की अपंजीकृत सम्पत्तियों के पंजीकरण की समीक्षा के सम्बन्ध में। 

(१२१) संख्या-क०नि०-५-३१६७ /११-२०१०-५०० (५)/२००९

दिनांक १५ जुलाई, २०१०

स्टाम्प वादों के निस्तारण हेतु राजस्व अधिकारियों के मध्य निर्धारित अधिकारिता की सीमा को समाप्त करने के सम्बन्ध में।

(१२२) संख्याः- १९१/११-५- २०१० -२१८ (१३)/२०१०

दिनांक १३ अप्रैल, २०१०

वित्तीय वर्च्च २०१०-११ के आय-व्ययक में अनुदान सं०-९१ के अन्तर्गत व्यवस्थित धनराषि को आपके निवर्तन पर रखा जाना।

(१२३) संख्याः- १३६३/११-५- २०१०- २१८ (१३)/२०१०

दिनांक १३ अप्रैल, २०१०

वित्तीय वर्च्च २०१०-११ के आय-व्ययक में अनुदान संख्या-९१ के अन्तर्गत व्यवस्थित धनराषि को आपके निवर्तन पर रखा जाना।